मंदिर मजारों को हटाने से नाराज दिखे कांग्रेस के विधायक

मंदिर मजारों को हटाने से नाराज दिखे कांग्रेस के विधायक, डीएम एसएसपी से बैठक के बाद विधायकों का हंगामा

कांग्रेस विधायकों की जिलाधिकारी से मीटिंग बेनतीजा रही। बैठक के दौरान हंगामा हो गया जिसके बाद सभी विधायक बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर आ गए। ज्ञात हो कि प्रशासन द्वारा धार्मिक स्थलों को हटाने का कार्य किया जा रहा है। जिसका विरोध करते हुए विधायक रवि बहादुर, विधायक फुरकान अहमद, विधायक ममता राकेश, विधायक विरेंद्र जाती, विधायक अनुपमा रावत जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे से वार्ता करने पहुंचे विधायकों का आरोप है कि जिलाधिकारी बीजेपी सरकार के इशारे पर कार्य कर रहे। जिलाधिकारी ने स्वयं कार्यवाही से पूर्व मंगलवार तक का समय दिया था लेकिन आज वार्ता के दौरान अपनी बात से पलट गए। प्रशासन जिले का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा। विधायकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। एक निर्दलीय विधायक के कहने पर प्रशासन कार्य कर रहा। एकाएक धार्मिक स्थलो के तोड़फोड़ की क्या आवश्यकता आ गई थी। जब वार्ता के लिए समय दिया गया तो इतनी जल्दी क्या थी। लोगों की आस्था से खिलवाड़ किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों की भी नहीं सुनी जा रही हैं।
सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तोड़फोड़ की जा रही है। वर्ष 2018 में भी इसी प्रकार चौड़ीकरण के नाम पर तोड़फोड़ की गई थी बाद में सड़क किनारे बिजली के पैनल लग दिए गए। वहीं जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय का कहना है कि वार्ता ठीक ठाक चल रही थी। विधायक एकाएक बैठक से चले गए। बैठक के दौरान कोई हंगामा नहीं हुआ है। सभी विधायक हमारे सम्मानीय हैं।वहीं पत्रकारों से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराया जा रहा है। और सीएम धामी ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कि सरकारी जमीनों पर जो भी अवैध कब्जा होगा उसे हगाय जाएगा। अगर मजारे हटाई जा रही है। तो मंदिर भी हटाये जा रहे है। हम सभी धर्मो के लोगों का सम्मान करते है। इस दौरान एसएसपी अजय सिंह, एसडीएम पूरण सिंह राणा, जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी, पूर्व राज्यमंत्री नईम कुरेशी, शहजाद कुरेशी, मकबूल कुरेशी, मुशर्रत गौड़ आदि उपस्थित रहे।