
हरिद्वार
राजा जी टाइगर रिज़र्व में सफारी के दौरान पर्यटकों और चालको को मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंद लगा दिया गया है
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है ।
तत्काल प्रभाव से लागू आदेश के कारण कई पर्यटक बिना सफारी के वापिस लौट रहे हैं ।
इस आदेश से चालको में भी भारी आक्रोश है उनका कहना है कि यदि सफारी के दौरान जंगल मे गाड़ी खराब हो जाये तो सूचना का आदान प्रदान कैसे हो सकेगा । यह आदेश पर्यटकों और चालको दोनों के लिए नुकसान दायक है।
पार्क निदेशक को को रोसे से फोन पर वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि यह आदेश पूरे भारत मे लागू होगा इसमे हम कुछ नही कर सकते भविष्य में यदि राज्य सरकार चाहे तो इस आदेश के खिलाफ कोर्ट जा सकती है।उन्होंने भी माना कि कुश पर्यटक इस आदेश के बाद वापिस गए हैं
लगता है कि इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को रील बनाने से रोकना है लेकिन रील तो कमरे से भी बन जाती है उसको कैसे रोका जाएगा जबकि कैमरे के लिए कोई रोक नही है ।इस मे चालकों क्या दोष है वो तो रील नही बनाते ।
चालकों को इस आदेश से दूर रखना चाहिए लेकिन यह तो कोर्ट का आदेश है ।













