एसटीएफ व साइबर क्राइम उत्तराखण्ड की कार्यवाही, म्यूल खाता धारक उपलब्ध कराने वाले गिरोह का किया खुलासा

एसटीएफ व साइबर क्राइम उत्तराखण्ड की कार्यवाही, म्यूल खाता धारक उपलब्ध कराने वाले गिरोह का किया खुलासा।

साईबर अपराधियों के द्वारा संगठित साईबर अपराध को अंजाम देने हेतु आम जनमानस के खाते खुलवाये जाते थे, जिनका साईबर अपराधियों के साथ मिलकर साईबर धोखाधड़ी में प्रयोग किया जाता था।

पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के दिशा निर्देशन व निलेश आनन्द भरणे पुलिस महानिरीक्षक साईबर / एसटीएफ उत्तराखण्ड के निकट पर्य़वेक्षण में साईबर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करते हुये साईबर पीड़ितो को न्याय दिलाया जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अजय सिंह ने बताया प्रकरण में एसटीएफ की साईबर पुलिस टीम के द्वारा साईबर अपराधियों को म्यूल एकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह/ पैनल का भाडांफोड किया है। इन अपराधियों के द्वारा भोली भाली जनता को लालच एंव गुमराह कर उनके खाते खुलवाये जाते थे, जिन्हे साईबर क्राईम जैसे संगठित अपराधियों के साथ साझा कर, धोखाधड़ी के लिये प्रयुक्त किया जाता था। इनके द्वारा खुलवाये गये खातों में विभिन्न राज्यो के पीड़ितों की लाखो रुपये की धनराशी का लेन देन हुआ है। जिनसे इनके द्वारा अच्छा खासा मुनाफा कमाया गया। जिस सम्बन्ध में गोपनीय सूचना एंव तकनीकी विश्लेषण करने के उपरान्त एसटीएफ की साईबर पुलिस टीम को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

प्रकरण की गंम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड के दिशा निर्देशन तथा सहायक पुलिस अधीक्षक श्कुश मिश्रा आई0पी0एस0 के निकट पर्यवेक्षण में उपरोक्त सूचना के आधार पर एसटीएफ की साईबर पुलिस टीम के द्वारा हरिद्वार से अभियुक्तगणों की गिरफ्तारी की गयी एंव साईबर थाना देहरादून पर मु0अ0सं0 22/2026 अन्तर्गत धारा 111,318(4),61(2) बीएनएस एंव 66 डी आई टी पंजीकृत की गयी।

प्रकरण में विधिक कार्यवाही करते हुए पाये गया कि अभियुक्तगणों के द्वारा भोले भाले व्यक्तियों को झांसे में लेकर उनके नाम से फेक फर्म तैयार कर, उसके समस्त दस्तावेज तैयार किये जाते थे, जिसके आधार पर बैक में फर्म के नाम पर काँर्पोरेट/करंट एकाउंट खोला जाता था। जिसे रोड़वेज या अन्य माध्यमों से दिल्ली में बेचा जाता था। जिसके बाद इन खातों में साईबर अपराधियों के द्वारा साईबर अपराध से प्राप्त धोखाधड़ी के पैसो का लेन देन किया जाता था। जिसका अभियुक्तगणों के द्वारा अच्छा खासा कमीशन लिया जाता था। अभियुक्तगणों से प्राप्त पासबुक / खातो के विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज होना पाया गया। अभियुक्तगणों से विभिन्न पासबुक, चैकबुक, डेबिट कार्ड आदि बरामद किया गया एंव दिनाँक 29.03.2026 को हरिद्वार से देहरादून लाकर गहन पूछताछ की गयी एंव अभियुक्तगणों के साथियों के बारे में गहन पूछताछ जारी है एंव अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।