कांवड़ मेले पर मुख्यमंत्री के फैसले को साधु-संतों का समर्थन, सपा के पूर्व सांसद को भी घेरा

कांवड़ मेले पर मुख्यमंत्री के फैसले को साधु-संतों का समर्थन, सपा के पूर्व सांसद को भी घेरा गया।

कांवड़ मेले को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान को साधु-संतों का जबरदस्त समर्थन मिला है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने मुख्यमंत्री धामी के उस फैसले का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांवड़ मार्ग पर लगने वाली सभी दुकानों को अपनी पहचान सार्वजनिक करनी होगी,फूड लाइसेंस से लेकर दुकान मालिक की पहचान तक हर चीज़ का डिस्प्ले अनिवार्य होगा। महंत रविंद्र पुरी ने इसे सनातन धर्म की रक्षा की दिशा में एक सशक्त कदम बताया है।

वहीं कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर में कुछ होटलों और ढाबों की चेकिंग को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन ने सवाल उठाए थे और सनातनियों पर तीखी टिप्पणी की थी। लेकिन अखाड़ा परिषद ने सपा के बयान को उल्टा घेरते हुए कहा है कि जो खुद उग्रवादी सोच रखता है, वही सनातनियों को उग्रवादी कहता है। साथ ही ये भी कहा कि अखिलेश यादव खुद सनातनी होने के बावजूद जातिवाद और भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट रुख और साधु-संतों के खुले समर्थन से कांवड़ मेले में अब पारदर्शिता और धार्मिक मर्यादा दोनों का पालन सुनिश्चित होता दिखाई दे रहा है।