हरिद्वार
भेल स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार में दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारे में विशेष दीवान सजाया गया जहां हजारों की संख्या में संगत में पहुंचकर श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के आगे माथा टेका। शुक्रवार श्री अखंड पाठ प्रारंभ हुआ और रविवार को अरदास के साथ पाठ समाप्त किया गया। जिसके उपरांत महिला सत्संग, गुरुद्वारे के हजूरी रागी भाई गुरप्रीत सिंह, हजूरी रागी भाई गुरबचन सिंह अलवर वाले ने शब्द कीर्तन सुनाकर संगत को निहाल किया।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुदीप सिंह सलूजा ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश धर्म, दुनियां को बचाने के लिए हुआ था। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर सभी को एकसाथ रहने, जीने, मदद करने और जुल्म के खिलाफ लड़ने का संदेश दिया। देश धर्म के लिए उनका बलिदान युगों युगों तक याद किया जाएगा। भारत के इतिहास में उनका और पूरे परिवार का नाम अमर रहेगा।
इस अवसर पर उज्जल सिंह सेठी, सतपाल सिंह, सुखदेव सिंह, हरभजन सिंह बाजवा, ज्ञानी संजय सिंह, गुरप्रीत सिंह, हरमोहन सिंह, निर्मल सिंह, हरदीप डोगरा, अमरजीत सिंह, गुरदयाल सिंह, बलदेव सिंह, गुरलीन मनचंदा, सरबजीत सिंह, जसप्रीत सिंह, मंजीत कौर, नैनी, सिमरनजीत सिंह, जगजीत सिंह, सुखविंदर कौर आदि उपस्थित थे।





