केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आज हरिद्वार दौरे पर रहे

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आज हरिद्वार दौरे पर रहे जहां में सबसे पहले हरिद्वार के देव संस्कृति विश्वविद्यालय में पहुंचे जहां उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय और देव भूमि फाउंडेशन द्वारा आयोजित सनातन संस्कृति महत्वता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया इस दौरान उन्होंने कहा कि आज जहां भारत विकास की यात्रा में आगे बढ़ रहा है और पूरे विश्व भर में इस बात को स्वीकार किया कि भारत एक विकसित देश है आज पूरे विश्व में भारत की संस्कृति , विज्ञान, सिद्धांत इन सब की स्वीकारता देश भर में नए सिरे से बढ़ रही है पूरे विश्व भर में हो रही है ऐसे समय में इस तरह के कार्यक्रम जिसमे भारत की संस्कृती पर चर्चा ओर चिंतन करना भारत में रहने वाले लोगो के साथ ही भारत से बहार रहने वाले लोगों के लिए भी बहुत जरुरी है में इस कार्यक्रम के लिए देव संस्कृति विद्यालय और फाउंडेशन दोनों का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने इतनी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने के लिए मुझे बुलाया।

वहीं अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर बोलते हैं उन्होंने कहा कि आज जिस तरह की चर्चा की जा रही है भारत और अमेरिका के साथ जो लोग ट्रेड को नहीं समझते हैं मुझे लगता है कि वह लोग इस तरह की बात करके एक भ्रांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं भारत ट्रेड सरप्लस कंट्री है जो भारत का एक्सपोर्ट और इंपोर्ट अमेरिका से है उसमे भारत सर प्लस है भारत जिन विषयो पर एक्सपोर्ट करता है वह है सर्विस s टेक्नोलोजी , मिनरल्स इन सब पर इस तरह के टैरिफ कोई भी प्रभाव नहीं आने वाला है
मुझे लगता है कि बिना सोचे समझे कुछ लोग भ्रांतियां फैलाने की कोशिश करें है लेकिन उसके भी उसके विपरीत भी अनेक तरह के सेंसर जब अटल जी के समय में परमाणु का प्रशिक्षण किया था तब भी किए थे आज भारत की अर्थव्यवस्था इतनी सक्षम हो गई हम दुनिया की दुनिया में तेरी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है भारत अपने आप से सबसे बड़ा बाजार हे इन छोटे-मोटे डिसीजन से अब भारत को कुछ फर्क पड़ने वाला नहीं है।

वही वही राणा सांगा विवाद पर बोलते उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम अपने देश नायकों का सम्मान करने में कही चूक रहे है भारत के इस महानायक जिन्होंने भारत की किस संस्कृति को बचाए रखने के लिए अपनी कई पिरिया निछावर की उन्होंने बप्पा रावल से लेकर के महाराणा राज सिंह ने 1000 साल तक जिस परिवार ने इस संस्कृति को बचाए रखने के अपने सीस दान किए में जिमेदारी के साथ कहता हु अगर वह परिवार नही होता तोह हम जीतने लोग यहां खड़े है हम सबके नाम भी कुछ और होते।