आगामी मानसून को लेकर जिलाधिकारी ने ली अधिकारियों की बैठक

आगामी मानसून को लेकर जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी नालों की सफाई करने के दिए निर्देश, बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी अधिकारी आपसी समन्वय एवं संवेदनशीलता के साथ करें कार्य

आगामी मानसून की पूर्व तैयारियों तथा आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ब्लॉक एवं तहसील स्तर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून से पूर्व आवश्यक सभी तैयारियां एवं व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जनपद के किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए नगर निगम, जिला पंचायत, पंचायतीराज विभाग, नगर पालिकाएं, नगर पंचायतें, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को अपने-अपने अधीनस्थ नालों, नालियों एवं कलमाठों की अनिवार्य रूप से मानसून से पूर्व सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने तहसील एवं खंड विकास स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी उपकरणों को सुचारू स्थिति में रखा जाए। साथ ही, संभावित आपदा के दृष्टिगत राहत केंद्रों को पूर्व से ही तैयार कर उनमें सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा आपदा कंट्रोल रूम को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जलभराव एवं भूमि कटान की संभावना रहती है, उनका निरीक्षण कर चिन्हांकन किया जाए तथा तटबंधों की मरम्मत सहित आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं।
जिलाधिकारी ने जल संस्थान एवं पेयजल निगम को निर्देशित किया कि वर्तमान में बढ़ती गर्मी के दृष्टिगत किसी भी क्षेत्र में पेयजल की समस्या उत्पन्न न होने दी जाए। पेयजल लाइनों में लीकेज की स्थिति में त्वरित मरम्मत कार्य किया जाए। जनपदवासियों की सुविधा हेतु पेयजल संबंधी शिकायतें जल संस्थान के टोल फ्री नंबर 18001804100 पर दर्ज कराई जा सकती हैं।
अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया गया कि बढ़ती गर्मी के दौरान विद्युत आपूर्ति सुचारू रखी जाए तथा अनावश्यक कटौती से बचा जाए।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि मानसून के दृष्टिगत सभी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ रखी जाएं तथा डेंगू की रोकथाम हेतु प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। पशु चिकित्सा विभाग को भी निर्देशित किया गया कि भीषण गर्मी एवं संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए पशुओं के लिए चारे की समुचित व्यवस्था की जाए।

बाइट:-मयूर दीक्षित डीएम हरिद्वार

आगामी मानसून की पूर्व तैयारियों तथा आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ब्लॉक एवं तहसील स्तर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून से पूर्व आवश्यक सभी तैयारियां एवं व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जनपद के किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए नगर निगम, जिला पंचायत, पंचायतीराज विभाग, नगर पालिकाएं, नगर पंचायतें, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को अपने-अपने अधीनस्थ नालों, नालियों एवं कलमाठों की अनिवार्य रूप से मानसून से पूर्व सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने तहसील एवं खंड विकास स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी उपकरणों को सुचारू स्थिति में रखा जाए। साथ ही, संभावित आपदा के दृष्टिगत राहत केंद्रों को पूर्व से ही तैयार कर उनमें सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा आपदा कंट्रोल रूम को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जलभराव एवं भूमि कटान की संभावना रहती है, उनका निरीक्षण कर चिन्हांकन किया जाए तथा तटबंधों की मरम्मत सहित आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं।
जिलाधिकारी ने जल संस्थान एवं पेयजल निगम को निर्देशित किया कि वर्तमान में बढ़ती गर्मी के दृष्टिगत किसी भी क्षेत्र में पेयजल की समस्या उत्पन्न न होने दी जाए। पेयजल लाइनों में लीकेज की स्थिति में त्वरित मरम्मत कार्य किया जाए। जनपदवासियों की सुविधा हेतु पेयजल संबंधी शिकायतें जल संस्थान के टोल फ्री नंबर 18001804100 पर दर्ज कराई जा सकती हैं।
अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया गया कि बढ़ती गर्मी के दौरान विद्युत आपूर्ति सुचारू रखी जाए तथा अनावश्यक कटौती से बचा जाए।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि मानसून के दृष्टिगत सभी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ रखी जाएं तथा डेंगू की रोकथाम हेतु प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। पशु चिकित्सा विभाग को भी निर्देशित किया गया कि भीषण गर्मी एवं संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए पशुओं के लिए चारे की समुचित व्यवस्था की जाए।