रामनवमी पर स्वामी रामदेव ने किया कन्या पूजन, बेटियों की सुरक्षा पर उठाई सख्त सजा की मांग
हरिद्वार | उत्तराखंड
रामनवमी के पावन अवसर पर हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ फेस-2 में योग गुरु स्वामी रामदेव ने कन्या पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कन्याओं के चरण वंदन कर सनातन संस्कृति, नारी सम्मान और बेटियों की सुरक्षा का संदेश दिया।
वहीं, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे में श्रद्धालुओं की मौत पर स्वामी रामदेव ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की।
रामदेव ने कहा कि दुर्गा पूजा सहित सभी धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। पंडालों में अग्निशमन उपकरण, मजबूत ढांचा, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन निकासी और आने-जाने के लिए सुगम रास्तों की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। खासतौर पर संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रही बहस पर भी स्वामी रामदेव ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान होना चाहिए और नियुक्ति या पद से हटाने की प्रक्रिया संविधान के दायरे में ही होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया समेत विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के लिए आंदोलन हो सकते हैं, लेकिन सभी बदलाव लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप होने चाहिए।
सिविल सोसायटी और सीजेपी का उल्लेख करते हुए रामदेव ने कहा कि जब राजनीतिक पक्षों और विपक्ष को लेकर लोगों के मन में शंकाएं पैदा होती हैं, तब सामाजिक संस्थाएं और नागरिक समाज जनहित के मुद्दों को उठाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा संवैधानिक दायरे में रहकर जनहित के मुद्दों पर काम करेंगे और देश के नागरिकों के हित में सकारात्मक योगदान देंगे।










