ब्रेकिंग-प्रधानमंत्री के आह्वान पर जूना अग्नि आवाहन और किन्नर अखाड़े ने भी की कुंभ के समापन की घोषणा – देखें वीडियो

जूना अग्नि आवाहन और किन्नर अखाड़े ने भी की कुंभ के समापन की घोषणा आखिरी शाही स्नान पर प्रतीकात्मक रूप से करेगे स्नान

देशभर में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कुंभ को प्रतीकात्मक रूप से मनाने के लिए साधु-संतों से अपील की गई थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर भी हुआ है निरंजनी आनंद अखाड़े के बाद जूना अग्नि आवाहन और किन्नर अखाड़े ने भी कुंभ के समापन की घोषणा कर दी है अब इनके द्वारा 27 अप्रैल का शाही स्नान सिर्फ प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाएगा और इन अखाड़ों से सिर्फ कुछ संत ही गंगा स्नान करेंगे कल से इन अखाड़ों में देश भर से आए सन्यासी अपने अपने स्थान के लिए रवाना होना शुरू हो जाएंगे

कुंभ मेले में लगातार कोरोना का विस्फोट हो रहा था क्योंकि भारी संख्या में देश के कोने-कोने से साधु संत हरिद्वार पहुंचे थे कुंभ के शाही स्नान में श्रद्धालु भी काफी संख्या में हरिद्वार आए थे शाही स्नान के बाद काफी साधु-संतों में कोरोना की पुष्टि भी हुई थी इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साधु संतों से कुंभ को प्रतीकात्मक रूप से मनाने की अपील की गई थी प्रधानमंत्री की अपील के बाद जूना के साथ सहयोगी अग्नि आवाहन और किन्नर अखाड़े ने कुंभ समापन की घोषणा कर दी जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि का कहना है कि प्रातः काल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुझसे फोन पर वार्ता की गई उनके द्वारा कुंभ मेले को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी और कुंभ को प्रतीकात्मक रूप से मनाने की अपील की गई थी इसको लेकर श्री दशनाम जूना अखाड़ा के सभी साधु संतों द्वारा निर्णय लिया गया जिन देवताओं का हमारे द्वारा आवाहन किया गया था उसका हमारे द्वारा विसर्जन कर दिया गया अब हमारे सभी कार्यक्रम पर विराम लग गया है अब कोई भी कुंभ मेले के बड़े कार्यक्रम अखाड़े द्वारा आयोजित नहीं किए जाएंगे अब अखाड़े में कुछ ही संत निवास करेंगे बाकी सभी सन्यासी अपने अपने निवास स्थान के लिए प्रस्थान करेंगे बाकी संयासी अखाड़े के साधु संत भी प्रतीकात्मक रूप से ही कुंभ का आखरी स्नान करेंगे इस निर्णय में हमारे सहयोगी अग्नि आभार और किन्नर अखाड़े द्वारा भी समर्थन दिया गया है

Juna Agni Awaan and Kinnar Akhara announce the end of Kumbh to symbolically bathe at the last royal bath

In view of the growing outbreak of Corona across the country, Prime Minister Narendra Modi had appealed to the sages to symbolically celebrate the Kumbh. Prime Minister Narendra Modi’s appeal has also had an impact, after the Niranjani Anand Arena, Juna Agni Avahan and Kinnar Arena Has also announced the conclusion of Kumbh, now the royal bath of April 27 will be celebrated only symbolically by them and only a few saints from these akharas will take a bath in the Ganges from tomorrow. Sannyasis who come from all over the country for their respective places from tomorrow. Starts off

Coronation was continuously erupting at the Kumbh Mela, as a large number of saints reached Haridwar from every corner of the country, devotees also came to Haridwar in large numbers in the royal bath of Kumbh, coronation was confirmed in many saints after the royal bath In view of this, Prime Minister Narendra Modi had appealed to the sage saints to symbolically celebrate Kumbh, after the Prime Minister’s appeal, Agni Awaan and Kinnar Akhara announced the termination of Kumbh with the Acharya of Juna Akhara. Mahamandaleshwar Awadheshanand Giri says that in the morning, Prime Minister Narendra Modi spoke to me on the phone, he had expressed concern about the Kumbh Mela and requested to symbolically celebrate Kumbh. Decided by sage saints, the deities that were invoked by us were immersed by us. Now all our programs have come to an end, now no big events of Kumbh Mela will be organized by the arena. Now in the arena Only a few saints will reside, all the saints will leave for their abode, the saints of the rest of the saints will also symbolically take the last bath of Kumbh.This decision has also been supported by our colleague Agni Gratitude and Kinnar Akhara.

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