अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर गोहरी रेंज का जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों ने लिया वन्यजीव संरक्षण का संकल्प


चीला-अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर गोहरी रेंज राजाजी टाइगर रिजर्व ने विद्यार्थियों को दिया बाघ संरक्षण का संदेश, ओपन क्विज प्रतियोगिता में दिखा उत्साह

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर राजाजी टाइगर रिजर्व की गोहरी रेंज द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज, लक्ष्मणझूला में बाघ संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता विषयक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 8 एवं 9 के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को बाघों के प्राकृतिक आवास, पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका, भारत में बाघ संरक्षण की उपलब्धियाँ, राजाजी टाइगर रिजर्व की जैव विविधता तथा वन्यजीवों के संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अनेक प्रश्न पूछे तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी जिज्ञासा व्यक्त की।

जागरूकता सत्र के उपरांत पावर प्वाइंट प्रस्तुति पर आधारित ओपन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में वन्यजीवों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति रुचि और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था।

इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी गोहरी रेंज श्री राजेश जोशी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ तथा अपने परिवार एवं समाज को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें।

कार्यक्रम में वन दरोगा सुश्री अंजलि डंडरियाल, वन आरक्षी श्री अंकित कुमार, वन आरक्षी श्री बसंत कुमार सहित गोहरी रेंज का समस्त वन स्टाफ उपस्थित रहा। विद्यालय प्रशासन एवं शिक्षकों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में पूर्ण सहयोग प्रदान किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों द्वारा वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने के साथ हुआ। गोहरी रेंज द्वारा आयोजित इस पहल की विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सराहना करते हुए इसे प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास बताया।