15 नवंबर तक बंद रहेगा राजाजी टाइगर रिजर्व का चीला पर्यटन गेट, मानसून के चलते लिया गया फैसला
पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण को देखते हुए 15 जून से 14 नवंबर 2026 तक रहेगा बंद, मानसून बाद फिर शुरू होगी सफारी
हरिद्वार। राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला पर्यटन प्रवेश द्वार को मानसून सीजन के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा एवं वन्यजीव आवासों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 15 जून 2026 से 14 नवंबर 2026 तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मानसून अवधि में सफारी संचालन स्थगित रहेगा। ट्रैकों की मरम्मत एवं सुरक्षा निरीक्षण पूर्ण होने के बाद 15 नवंबर 2026 से पुनः पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।

राजाजी टाइगर रिजर्व उत्तराखंड के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां चीला, चिल्लावाली, रानीपुर और मोतीचूर गेट से जिप्सी सफारी संचालित की जाती है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक बाघ, हाथी, तेंदुआ, हिरण और अन्य वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने पहुंचते हैं।
वर्ष 2025-26 के दौरान चीला रेंज में बड़ी संख्या में पर्यटकों ने जिप्सी और हाथी सफारी का आनंद लिया। चीला पर्यटन गेट से लगभग 20,245 पर्यटकों ने जिप्सी सफारी की, जिनमें 19,139 भारतीय और 1,106 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। वहीं 334 पर्यटकों ने हाथी सफारी का भी आनंद लिया, जिनमें 10 विदेशी पर्यटक शामिल थे। इस अवधि में कुल 5,559 जिप्सी प्रवेश दर्ज किए गए।
वन विभाग के अनुसार मानसून के दौरान सफारी ट्रैक पर जलभराव, कटाव और अन्य प्राकृतिक क्षति की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही यह समय वन्यजीवों के प्रजनन और प्राकृतिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए उन्हें न्यूनतम व्यवधान मिले, इसके लिए सफारी संचालन अस्थायी रूप से बंद किया जाता है।
इस दौरान वन विभाग द्वारा सफारी मार्गों की मरम्मत, रखरखाव और पर्यटक सुविधाओं के उन्नयन का कार्य किया जाएगा। मानसून समाप्त होने और सभी सुरक्षा मानकों के अनुरूप निरीक्षण पूरा होने के बाद 15 नवंबर 2026 से चीला, चिल्लावाली, रानीपुर और मोतीचूर जोन में पुनः सफारी शुरू कर दी जाएगी।











