हरिद्वार में विहिप की केंद्रीय मार्गदर्शन मंडल बैठक संपन्न, सीएम धामी ने संतों से मांगा 2027 महाकुंभ के लिए आशीर्वाद

गौ रक्षा, नशामुक्ति, परिवार व्यवस्था और राष्ट्र निर्माण जैसे मुद्दों पर हुआ मंथन

हरिद्वार। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा हरिद्वार में आयोजित दो दिवसीय केंद्रीय मार्गदर्शन मंडल की बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने देशभर से पहुंचे संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया और आगामी 2027 हरिद्वार महाकुंभ में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बैठक में राष्ट्र की उन्नति, सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और भारत को विश्वगुरु बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चिंतन-मंथन हुआ। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद हमेशा राष्ट्रहित के मुद्दों पर विचार करती रही है और देश के समग्र विकास के लिए कार्य करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में वर्तमान में चारधाम यात्रा संचालित हो रही है और आगामी 2027 महाकुंभ की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में संत समाज का मार्गदर्शन और आशीर्वाद राज्य सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी संतों को 2027 के हरिद्वार महाकुंभ में आमंत्रित किया गया है और उनके सहयोग से यह आयोजन दिव्य एवं भव्य बनाया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

गौवंश संरक्षण के लिए सख्त कानून की मांग

बैठक के समापन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि देश में गौवंश संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विहिप वर्षों से गौ रक्षा के लिए कार्य कर रहा है और प्रतिवर्ष लगभग दो लाख गायों को कटने से बचाता है।

उन्होंने कहा कि गाय केवल दूध देने तक सीमित नहीं है, बल्कि गोबर और गोमूत्र का भी महत्वपूर्ण उपयोग है। इसलिए 14 वर्ष से अधिक आयु के गौवंश को मारने की अनुमति देने की अवधारणा उचित नहीं है। उन्होंने गौ रक्षा को लेकर देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा भी की।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच का समर्थन

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर लगाए गए कथित अनियमितताओं के आरोपों पर आलोक कुमार ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट प्रत्येक पैसे के प्रति जवाबदेह है और उसने स्वयं जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

परिवार व्यवस्था और नशामुक्ति पर चिंता

अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बढ़ते तलाक, परिवारों के विघटन और बदलती सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप और समलैंगिक विवाह से संबंधित कानूनों की संसदीय समीक्षा की मांग की।

बैठक में संतों, विहिप और आरएसएस द्वारा संत रविदास की 650वीं जयंती को भव्य रूप से मनाने का निर्णय भी लिया गया। वहीं, देश में बढ़ते नशे के कारोबार पर चिंता व्यक्त करते हुए आलोक कुमार ने कहा कि वर्ष 2024-25 में 42 हजार करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ पकड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि नशा माफिया के नेटवर्क को तोड़ने के लिए व्यापक नशामुक्ति अभियान चलाया जाएगा।

बैठक के अंत में गौ संरक्षण, नशामुक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय हित से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।