हरिद्वार। सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर किए गए विरोध को लेकर विवाद गहरा गया है। संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने इसे भगवा का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।
अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर संसद में विरोध किया गया, उसका भगवा से कोई संबंध नहीं था। उनके अनुसार, इस तरह संसद परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर विरोध करना और उसका प्रतीकात्मक उपयोग करना संत समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।
श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि संत समाज भगवा का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि परिषद सांसद पप्पू यादव को गधे पर बैठाकर शहर में घुमाने जैसे कदम पर विचार कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भगवा का अपमान करने वालों के खिलाफ संत समाज उचित कार्रवाई करेगा।
वहीं, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विपक्ष के प्रति संयम और बड़े दिल का परिचय दिया है। स्वामी यतींद्रानंद गिरी ने कहा कि प्रधानमंत्री का आचरण राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि संसद में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। अब सभी की निगाहें सांसद पप्पू यादव की प्रतिक्रिया और इस पूरे विवाद के आगे के घटनाक्रम पर टिकी हैं।













