हरिद्वार कुंभ 2027 से पहले अखाड़ों की आपसी राजनीति एक बार फिर खुलकर सामने आने लगी है। शनिवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के 13 अखाड़ों में से 8 अखाड़ों ने अलग होकर नई कार्यकारिणी का गठन कर लिया। नई कार्यकारिणी में महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्र पुरी को अध्यक्ष और निर्मोही अखाड़े के राजेंद्र दास को महामंत्री बनाया गया है।
नवनियुक्त अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि 13 में से 8 अखाड़ों के बहुमत के आधार पर नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है, जिसमें सभी अखाड़ों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि संत समाज और अखाड़ों के हितों की रक्षा के लिए परिषद हमेशा तत्पर रहेगी।
वहीं, नवनियुक्त महामंत्री राजेंद्र दास ने कहा कि उनका प्रयास कुंभ 2027 को दिव्य और भव्य बनाने का है। उन्होंने कहा कि सभी का साथ और सबके विकास की भावना के साथ परिषद कार्य करेगी, ताकि संत समाज और श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके।
अब देखना होगा कि कुंभ 2027 से पहले अखाड़ों की यह नई सियासी और धार्मिक समीकरण आगे क्या मोड़ लेते हैं।









