SIR प्रक्रिया पर हरिद्वार ग्रामीण कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत का विरोध, निर्वाचन आयोग को सौंपा ज्ञापन
हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। सोमवार को विधायक अपने समर्थकों के साथ हरिद्वार तहसील पहुंचीं और उपजिलाधिकारी (SDM) को निर्वाचन आयोग के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग की।
विधायक अनुपमा रावत ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान सत्तारूढ़ दल से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा उनके समर्थकों और मतदाताओं के वोटों पर जानबूझकर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि एक धर्मविशेष वर्ग को टारगेट कर मतदान प्रक्रिया से बाहर करने की साजिश की जा रही है।

विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार है और किसी भी योग्य मतदाता का नाम राजनीतिक या अन्य किसी कारण से मतदाता सूची से हटना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने और SIR प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित करने की मांग की।

अनुपमा रावत ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान यदि किसी पात्र मतदाता का नाम हटाया जाता है तो इससे उसके संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्राप्त आपत्तियों का सत्यापन निष्पक्ष तरीके से किया जाए और किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में कार्रवाई न हो।

ज्ञापन सौंपने के दौरान विधायक के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतों का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएगी।












